॥ श्री गणेशाय नमः ॥

·9 min read·By R P Pandey

विवाह मुहूर्त 2026 और 2027: शादी की 81 शुभ तारीख़ें, नक्षत्र और समय के साथ

विवाह मुहूर्त 2026 और 2027 की पूरी सूची: नवंबर 2026 में 10, और 2027 में 71 शादी की तारीख़ें, हर तारीख़ का नक्षत्र, तिथि और समय। खरमास, चातुर्मास और गुरु शुक्र अस्त के दिन अलग से।

घर में शादी तय हुई है और सबसे पहला सवाल यही है: तारीख़ कौन सी रखें? पंडित जी से पूछने से पहले आप ख़ुद भी देख सकते हैं कि कौन से दिन शुभ हैं और कौन से दिन शादी नहीं होती।

इस पेज पर 20 नवंबर 2026 से दिसंबर 2027 तक की हर शुभ तारीख़ है। हर तारीख़ के साथ नक्षत्र, तिथि और मुहूर्त का समय लिखा है। साथ में वे दिन भी हैं जब शादी नहीं होती, जैसे खरमास और चातुर्मास।

पहले 2026 की तारीख़ें, फिर 2027 की महीने के हिसाब से। आख़िर में यह कि ये तारीख़ें कैसे चुनी गईं और आपकी अपनी कुंडली से मुहूर्त क्यों ज़रूरी है।

संक्षेप में: देवउठनी एकादशी शुक्रवार 20 नवंबर 2026 को है। इसके बाद नवंबर और दिसंबर 2026 में शादी के 10 मुहूर्त हैं। 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक खरमास है, इसमें शादी नहीं होती। 2027 में शादी के 71 मुहूर्त हैं। 14 जुलाई से 9 नवंबर 2027 तक चातुर्मास है, इसलिए अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2027 में कोई विवाह मुहूर्त नहीं है।

इस पेज में:

2026 में शादी की शुभ तारीख़ें

चातुर्मास 20 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी के साथ ख़त्म होता है। उसी दिन से शादियाँ शुरू होती हैं। 16 दिसंबर को सूर्य धनु राशि में आते हैं और खरमास लग जाता है। इसलिए 2026 में शादी का समय 21 नवंबर से 12 दिसंबर तक है।

तारीख़नक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
21 नवंबर 2026, शनिवारउत्तरा भाद्रपद, रेवतीशुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशीसुबह 6:50 से सुबह 6:20 (अगले दिन तक)
25 नवंबर 2026, बुधवाररोहिणी, मृगशिराकृष्ण द्वितीयाशाम 4:53 से सुबह 6:53 (अगले दिन तक)
26 नवंबर 2026, गुरुवारमृगशिराकृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीयासुबह 6:54 से शाम 5:54
2 दिसंबर 2026, बुधवारउत्तरा फाल्गुनीकृष्ण दशमीरात 10:59 से सुबह 6:59 (अगले दिन तक)
3 दिसंबर 2026, गुरुवारउत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशीपूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
4 दिसंबर 2026, शुक्रवारहस्तकृष्ण एकादशीसुबह 7:00 से सुबह 10:30
5 दिसंबर 2026, शनिवारस्वातिकृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशीदोपहर 12:01 से सुबह 7:01 (अगले दिन तक)
6 दिसंबर 2026, रविवारस्वातिकृष्ण त्रयोदशीसुबह 7:02 से दोपहर 2:02
11 दिसंबर 2026, शुक्रवारउत्तराषाढ़ाशुक्ल तृतीयारात 3:05 से सुबह 7:05
12 दिसंबर 2026, शनिवारउत्तराषाढ़ाशुक्ल तृतीयासुबह 7:06 से दोपहर 2:36

समय जयपुर के हिसाब से है। दिल्ली, अजमेर या जोधपुर में कुछ मिनट का फ़र्क़ आता है, तारीख़ वही रहती है। जहाँ "अगले दिन तक" लिखा है, वहाँ मुहूर्त रात में भी चलता है।

2027 में शादी की शुभ तारीख़ें, महीने के हिसाब से

2027 में शादी का पहला समय 15 जनवरी से शुरू होता है, जब सूर्य मकर राशि में आ जाते हैं। मार्च के बीच से अप्रैल के बीच तक फिर खरमास है। उसके बाद अप्रैल के आख़िर से जुलाई की शुरुआत तक सबसे ज़्यादा मुहूर्त हैं। फिर चातुर्मास के बाद नवंबर और दिसंबर में।

जनवरी 2027: 8 मुहूर्त

तारीख़नक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
15 जनवरी 2027, शुक्रवाररेवतीशुक्ल सप्तमीसुबह 7:17 से दोपहर 2:17
18 जनवरी 2027, सोमवाररोहिणीशुक्ल एकादशीरात 9:17 से सुबह 7:17 (अगले दिन तक)
19 जनवरी 2027, मंगलवाररोहिणी, मृगशिराशुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशीपूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
20 जनवरी 2027, बुधवारमृगशिराशुक्ल त्रयोदशीसुबह 7:16 से शाम 4:46
24 जनवरी 2027, रविवारमघाकृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीयासुबह 7:15 से रात 2:45 (अगले दिन तक)
26 जनवरी 2027, मंगलवारउत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण पंचमीसुबह 7:15 से रात 4:45 (अगले दिन तक)
30 जनवरी 2027, शनिवारअनुराधाकृष्ण दशमीसुबह 6:43 से सुबह 7:13
31 जनवरी 2027, रविवारअनुराधाकृष्ण दशमीसुबह 7:12 से सुबह 6:42 (अगले दिन तक)

फ़रवरी 2027: 8 मुहूर्त

तारीख़नक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
2 फ़रवरी 2027, मंगलवारमूलकृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशीसुबह 9:42 से सुबह 7:12 (अगले दिन तक)
3 फ़रवरी 2027, बुधवारमूलकृष्ण द्वादशीसुबह 7:11 से दोपहर 12:41
10 फ़रवरी 2027, बुधवारउत्तरा भाद्रपद, रेवतीशुक्ल पंचमीरात 3:07 से सुबह 7:07
11 फ़रवरी 2027, गुरुवाररेवतीशुक्ल पंचमीसुबह 7:06 से रात 3:36 (अगले दिन तक)
15 फ़रवरी 2027, सोमवाररोहिणी, मृगशिराशुक्ल दशमीरात 11:03 से सुबह 7:03 (अगले दिन तक)
22 फ़रवरी 2027, सोमवारउत्तरा फाल्गुनीकृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीयासुबह 11:57 से सुबह 6:57 (अगले दिन तक)
25 फ़रवरी 2027, गुरुवारस्वातिकृष्ण पंचमीसुबह 9:55 से रात 8:25
27 फ़रवरी 2027, शनिवारअनुराधाकृष्ण सप्तमीसुबह 11:53 से रात 10:23

मार्च 2027: 7 मुहूर्त

तारीख़नक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
1 मार्च 2027, सोमवारमूलकृष्ण दशमीरात 2:21 से सुबह 6:51
2 मार्च 2027, मंगलवारमूलकृष्ण दशमीसुबह 6:50 से शाम 7:50
3 मार्च 2027, बुधवारउत्तराषाढ़ाकृष्ण एकादशीरात 10:49 से सुबह 6:49 (अगले दिन तक)
4 मार्च 2027, गुरुवारउत्तराषाढ़ाकृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशीसुबह 6:48 से रात 1:48 (अगले दिन तक)
9 मार्च 2027, मंगलवारउत्तरा भाद्रपदशुक्ल द्वितीयादोपहर 3:43 से सुबह 6:43 (अगले दिन तक)
10 मार्च 2027, बुधवारउत्तरा भाद्रपद, रेवतीशुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीयापूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
14 मार्च 2027, रविवाररोहिणीशुक्ल सप्तमीदोपहर 12:37 से सुबह 6:37 (अगले दिन तक)

अप्रैल 2027: 8 मुहूर्त

तारीख़नक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
18 अप्रैल 2027, रविवारउत्तरा फाल्गुनी, हस्तशुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशीसुबह 6:30 से सुबह 6:00 (अगले दिन तक)
19 अप्रैल 2027, सोमवारहस्तशुक्ल त्रयोदशीसुबह 5:59 से सुबह 6:29
21 अप्रैल 2027, बुधवारस्वातिकृष्ण द्वितीयारात 3:57 से रात 4:57
23 अप्रैल 2027, शुक्रवारअनुराधाकृष्ण तृतीयासुबह 5:55 से रात 4:25 (अगले दिन तक)
25 अप्रैल 2027, रविवारमूलकृष्ण पंचमीसुबह 9:24 से सुबह 5:54 (अगले दिन तक)
26 अप्रैल 2027, सोमवारमूलकृष्ण पंचमीसुबह 5:53 से सुबह 7:53
27 अप्रैल 2027, मंगलवारउत्तराषाढ़ाकृष्ण सप्तमीदोपहर 2:52 से सुबह 5:52 (अगले दिन तक)
28 अप्रैल 2027, बुधवारउत्तराषाढ़ाकृष्ण सप्तमीसुबह 5:51 से दोपहर 12:51

मई 2027: 14 मुहूर्त

तारीख़नक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
4 मई 2027, मंगलवाररेवतीकृष्ण त्रयोदशीसुबह 5:46 से शाम 7:46
7 मई 2027, शुक्रवाररोहिणीशुक्ल द्वितीयारात 11:44 से सुबह 5:44 (अगले दिन तक)
9 मई 2027, रविवारमृगशिराशुक्ल तृतीयासुबह 5:43 से सुबह 9:13
15 मई 2027, शनिवारउत्तरा फाल्गुनीशुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशीदोपहर 12:09 से सुबह 5:39 (अगले दिन तक)
16 मई 2027, रविवारउत्तरा फाल्गुनी, हस्तशुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशीपूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
17 मई 2027, सोमवारहस्तशुक्ल द्वादशीसुबह 5:38 से सुबह 11:38
18 मई 2027, मंगलवारस्वातिशुक्ल त्रयोदशीदोपहर 12:07 से शाम 4:07
20 मई 2027, गुरुवारअनुराधाशुक्ल पूर्णिमादोपहर 1:37 से शाम 4:37
22 मई 2027, शनिवारमूलकृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीयाशाम 5:06 से सुबह 5:36 (अगले दिन तक)
23 मई 2027, रविवारमूलकृष्ण तृतीयासुबह 5:35 से शाम 7:35
24 मई 2027, सोमवारउत्तराषाढ़ाकृष्ण पंचमीरात 11:05 से सुबह 5:35 (अगले दिन तक)
25 मई 2027, मंगलवारउत्तराषाढ़ाकृष्ण पंचमीसुबह 5:35 से रात 1:35 (अगले दिन तक)
30 मई 2027, रविवारउत्तरा भाद्रपदकृष्ण दशमीसुबह 11:33 से सुबह 5:33 (अगले दिन तक)
31 मई 2027, सोमवारउत्तरा भाद्रपद, रेवतीकृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशीपूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

जून 2027: 10 मुहूर्त

तारीख़नक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
1 जून 2027, मंगलवाररेवतीकृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशीसुबह 5:33 से दोपहर 1:03
5 जून 2027, शनिवारमृगशिराशुक्ल द्वितीयारात 10:02 से सुबह 5:02 (अगले दिन तक)
10 जून 2027, गुरुवारमघाशुक्ल सप्तमीसुबह 7:32 से शाम 6:32
12 जून 2027, शनिवारहस्तशुक्ल दशमीरात 3:02 से सुबह 5:32
13 जून 2027, रविवारहस्तशुक्ल दशमीसुबह 5:32 से शाम 5:02
15 जून 2027, मंगलवारस्वातिशुक्ल द्वादशीसुबह 5:32 से शाम 6:32
16 जून 2027, बुधवारअनुराधाशुक्ल त्रयोदशीरात 8:02 से रात 3:32 (अगले दिन तक)
19 जून 2027, शनिवारमूलशुक्ल पूर्णिमासुबह 5:33 से सुबह 6:33
21 जून 2027, सोमवारउत्तराषाढ़ाकृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीयापूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
26 जून 2027, शनिवारउत्तरा भाद्रपदकृष्ण सप्तमीशाम 7:34 से रात 10:04

जुलाई 2027: 1 मुहूर्त

तारीख़नक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
1 जुलाई 2027, गुरुवाररोहिणीकृष्ण त्रयोदशीशाम 7:36 से सुबह 5:36 (अगले दिन तक)

नवंबर 2027: 9 मुहूर्त

तारीख़नक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
10 नवंबर 2027, बुधवारउत्तरा भाद्रपदशुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशीपूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
11 नवंबर 2027, गुरुवारउत्तरा भाद्रपद, रेवतीशुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशीपूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
15 नवंबर 2027, सोमवाररोहिणी, मृगशिराकृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीयासुबह 7:46 से सुबह 6:46 (अगले दिन तक)
16 नवंबर 2027, मंगलवारमृगशिराकृष्ण तृतीयासुबह 6:46 से रात 3:46 (अगले दिन तक)
23 नवंबर 2027, मंगलवारउत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशीपूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
24 नवंबर 2027, बुधवारहस्तकृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशीसुबह 6:52 से शाम 7:22
25 नवंबर 2027, गुरुवारस्वातिकृष्ण त्रयोदशीशाम 6:23 से सुबह 6:53 (अगले दिन तक)
26 नवंबर 2027, शुक्रवारस्वातिकृष्ण त्रयोदशीसुबह 6:54 से सुबह 9:54
29 नवंबर 2027, सोमवारमूलशुक्ल द्वितीयाशाम 7:56 से सुबह 6:56 (अगले दिन तक)

दिसंबर 2027: 6 मुहूर्त

तारीख़नक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
2 दिसंबर 2027, गुरुवारउत्तराषाढ़ाशुक्ल पंचमीदोपहर 1:58 से रात 2:58 (अगले दिन तक)
7 दिसंबर 2027, मंगलवारउत्तरा भाद्रपदशुक्ल दशमीरात 2:02 से सुबह 7:02
8 दिसंबर 2027, बुधवारउत्तरा भाद्रपद, रेवतीशुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशीपूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
9 दिसंबर 2027, गुरुवाररेवतीशुक्ल एकादशीसुबह 7:03 से शाम 5:33
12 दिसंबर 2027, रविवाररोहिणीशुक्ल पूर्णिमारात 12:05 से सुबह 7:05
13 दिसंबर 2027, सोमवाररोहिणी, मृगशिराशुक्ल पूर्णिमासुबह 7:06 से रात 10:06

यहाँ पहला भाग है। अब वे दिन देखिए जब शादी नहीं रखी जाती।

2027 में किन दिनों शादी नहीं होती

समयक्याक्यों
16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027खरमाससूर्य धनु राशि में
15 मार्च से 14 अप्रैल 2027खरमास या मलमाससूर्य मीन राशि में
15 मार्च से 22 मार्च 2027होलाष्टकहोली से पहले के 8 दिन
14 जुलाई से 9 नवंबर 2027चातुर्मासदेवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक
21 जुलाई से 9 सितंबर 2027शुक्र अस्तशुक्र सूर्य के पास, दिखाई नहीं देता
17 अगस्त से 13 सितंबर 2027गुरु अस्तगुरु सूर्य के पास, दिखाई नहीं देता
15 सितंबर से 29 सितंबर 2027पितृ पक्षश्राद्ध के दिन
16 दिसंबर 2027 से 15 जनवरी 2028खरमाससूर्य धनु राशि में

इन दिनों में शादी नहीं रखी जाती, चाहे नक्षत्र और तिथि कितने भी अच्छे हों। सबसे लंबी रोक चातुर्मास की है। मान्यता है कि इन चार महीनों में भगवान विष्णु शयन करते हैं, इसलिए विवाह जैसे मंगल काम रुके रहते हैं।

गुरु और शुक्र अस्त का मतलब है कि ये ग्रह सूर्य के इतने पास आ जाते हैं कि आसमान में दिखाई नहीं देते। शुक्र शादी का ग्रह है और गुरु शुभ कामों का। दोनों में से कोई भी अस्त हो, तो विवाह मुहूर्त नहीं निकाला जाता। 2027 में दोनों चातुर्मास के अंदर ही अस्त हैं, इसलिए इनसे कोई अलग तारीख़ नहीं कटती।

ये तारीख़ें कैसे चुनी गईं

शादी का मुहूर्त तीन चीज़ों से बनता है: नक्षत्र, तिथि और वे दिन जो पहले से वर्जित हैं। हमने हर दिन को इन नियमों पर परखा।

नक्षत्र: विवाह के लिए 11 नक्षत्र शुभ माने जाते हैं। रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद और रेवती। बाक़ी 16 नक्षत्रों में शादी नहीं रखी जाती।

तिथि: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी और त्रयोदशी शुभ हैं। पूर्णिमा भी कई पंचांग लेते हैं। चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी रिक्ता तिथि हैं, इनमें शादी नहीं होती। अमावस्या, प्रतिपदा, षष्ठी और अष्टमी भी छोड़ी जाती हैं।

वर्जित दिन: ऊपर की तालिका वाले सभी दिन हटा दिए गए।

जिस दिन शुभ नक्षत्र और शुभ तिथि एक साथ थे, और दिन वर्जित नहीं था, वही तारीख़ इस सूची में है। तारीख़ के साथ वह समय है जब दोनों साथ थे।

एक बात और। हमने अपनी हर तारीख़ को दृक पंचांग की सूची से मिलाया। ऊपर की तालिकाओं में सिर्फ़ वही तारीख़ें हैं जो दोनों जगह शुभ निकलीं। जो तारीख़ें सिर्फ़ एक जगह थीं, वे नीचे अलग से दी हैं।

जो तारीख़ें अलग अलग पंचांगों में अलग हैं

नीचे की तारीख़ें शास्त्र के नियमों से शुभ निकलती हैं, पर कुछ पंचांग इन्हें नहीं लिखते। वजह ज़्यादातर यह होती है कि उस दिन शुभ समय छोटा है, या लग्न ठीक नहीं बैठता। इन तारीख़ों पर शादी रखने से पहले अपने पंडित जी से एक बार पूछ लीजिए।

तारीख़नक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
20 नवंबर 2026, शुक्रवारउत्तरा भाद्रपदशुक्ल एकादशीसुबह 7:20 से सुबह 6:50 (अगले दिन तक)
30 नवंबर 2026, सोमवारमघाकृष्ण सप्तमीसुबह 9:57 से रात 12:27 (अगले दिन तक)
10 दिसंबर 2026, गुरुवारमूलशुक्ल द्वितीयासुबह 9:04 से रात 12:04 (अगले दिन तक)
23 जनवरी 2027, शनिवारमघाकृष्ण द्वितीयासुबह 5:15 से सुबह 7:15
25 जनवरी 2027, सोमवारउत्तरा फाल्गुनीकृष्ण पंचमीसुबह 6:15 से सुबह 7:15
28 जनवरी 2027, गुरुवारस्वातिकृष्ण सप्तमीरात 12:44 से रात 4:14
4 फ़रवरी 2027, गुरुवारउत्तराषाढ़ाकृष्ण त्रयोदशीदोपहर 3:40 से शाम 4:40
16 फ़रवरी 2027, मंगलवारमृगशिराशुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशीसुबह 7:02 से रात 2:02 (अगले दिन तक)
20 फ़रवरी 2027, शनिवारमघाशुक्ल पूर्णिमाशाम 4:29 से रात 4:59 (अगले दिन तक)
23 फ़रवरी 2027, मंगलवारउत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण तृतीयासुबह 6:56 से रात 9:56
11 मार्च 2027, गुरुवाररेवतीशुक्ल तृतीयासुबह 6:41 से सुबह 11:41
16 अप्रैल 2027, शुक्रवारमघाशुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशीसुबह 8:32 से सुबह 6:02 (अगले दिन तक)
17 अप्रैल 2027, शनिवारमघाशुक्ल एकादशीसुबह 6:01 से सुबह 7:31
2 मई 2027, रविवारउत्तरा भाद्रपदकृष्ण द्वादशीरात 2:48 से सुबह 5:48
3 मई 2027, सोमवारउत्तरा भाद्रपद, रेवतीकृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशीपूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
8 मई 2027, शनिवाररोहिणी, मृगशिराशुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीयापूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
14 जून 2027, सोमवारस्वातिशुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशीशाम 5:32 से सुबह 5:32 (अगले दिन तक)
18 जून 2027, शुक्रवारमूलशुक्ल पूर्णिमारात 12:02 से सुबह 5:32
22 जून 2027, मंगलवारउत्तराषाढ़ाकृष्ण तृतीयासुबह 5:33 से सुबह 8:33
2 जुलाई 2027, शुक्रवाररोहिणीकृष्ण त्रयोदशीसुबह 5:36 से दोपहर 3:36
12 नवंबर 2027, शुक्रवाररेवतीशुक्ल त्रयोदशीसुबह 6:43 से सुबह 8:13
22 नवंबर 2027, सोमवारउत्तरा फाल्गुनीकृष्ण दशमीरात 8:51 से सुबह 6:51 (अगले दिन तक)
30 नवंबर 2027, मंगलवारमूलशुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीयासुबह 6:57 से रात 9:57

अपनी कुंडली से मुहूर्त क्यों ज़रूरी है

ऊपर की सूची पंचांग के हिसाब से है। यह सबके लिए एक जैसी है। पर हर शादी में दो लोग होते हैं, और दोनों की कुंडली अलग है।

पंडित जी शादी की तारीख़ तय करते समय तीन बातें और देखते हैं। पहली, वर और वधू का तारा बल, यानी उस दिन का नक्षत्र उनके जन्म नक्षत्र से कैसा मेल रखता है। दूसरी, चंद्र बल, यानी उस दिन चंद्रमा उनकी राशि से किस घर में है। तीसरी, विवाह का लग्न, यानी फेरों के समय पूरब में कौन सी राशि उग रही है।

इसी वजह से एक ही तारीख़ किसी जोड़े के लिए बहुत अच्छी और किसी के लिए साधारण हो सकती है। अपनी तारीख़ पक्की करने से पहले दोनों की कुंडली से मुहूर्त निकलवा लीजिए।

अपनी कुंडली से मुहूर्त चाहिए? R P Pandey जी हर संदेश स्वयं पढ़ते हैं। व्हाट्सऐप पर अपनी बात भेजिए। कोई तय शुल्क नहीं है।

मुहूर्त निकालने का पूरा तरीक़ा शुभ मुहूर्त क्या है और कैसे निकालें में है। घर में जाने की तारीख़ें गृह प्रवेश मुहूर्त 2027 में देखिए। खरमास की पूरी जानकारी खरमास 2026 में है।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि के विवाह प्रकरण के नियम। तिथि और नक्षत्र की गणना हमारे अपने पंचांग इंजन से, लाहिरी अयनांश, जयपुर के सूर्योदय पर। तारीख़ों का मिलान दृक पंचांग की विवाह मुहूर्त 2026 और 2027 की सूची से।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में शादी का मुहूर्त कब से शुरू है?
देवउठनी एकादशी 20 नवंबर 2026 को है। इसके बाद 21 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 तक शादी के 10 मुहूर्त हैं। 16 दिसंबर से खरमास लग जाता है।
2027 में शादी के कितने मुहूर्त हैं?
2027 में शादी के 71 शुभ मुहूर्त हैं। सबसे ज़्यादा मई और जून में हैं। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में चातुर्मास की वजह से कोई मुहूर्त नहीं है।
खरमास 2027 में कब है?
16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक और फिर 15 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक। इन दिनों शादी नहीं होती। 16 दिसंबर 2027 से अगला खरमास शुरू होगा।
चातुर्मास 2027 कब से कब तक है?
देवशयनी एकादशी 14 जुलाई 2027 से देवउठनी एकादशी 10 नवंबर 2027 तक। इन चार महीनों में शादी नहीं रखी जाती। शादियाँ 10 नवंबर 2027 के बाद फिर शुरू होंगी।
क्या मंगलवार को शादी हो सकती है?
शास्त्र में विवाह के लिए किसी वार की रोक नहीं है, पर कई घरों में मंगलवार और शनिवार टाले जाते हैं। ऊपर की सूची में ये दिन भी हैं। अपने घर की परंपरा के हिसाब से चुनिए।
शादी की तारीख़ कुंडली से क्यों निकलवानी चाहिए?
पंचांग की तारीख़ सबके लिए एक जैसी है। कुंडली से वर और वधू का तारा बल, चंद्र बल और विवाह लग्न देखा जाता है। इससे पता चलता है कि कौन सी तारीख़ इसी जोड़े के लिए सबसे अच्छी है।
मुहूर्तविवाहपंचांग

अपना प्रश्न इसी तरह समझना चाहते हैं?

आप अपना प्रश्न आर पी पांडे जी को व्हाट्सऐप पर रख सकते हैं। पहले देखा जाता है कि घटना प्रॉमिस है या नहीं, फिर समय।

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