विवाह मुहूर्त 2026 और 2027: शादी की 81 शुभ तारीख़ें, नक्षत्र और समय के साथ
विवाह मुहूर्त 2026 और 2027 की पूरी सूची: नवंबर 2026 में 10, और 2027 में 71 शादी की तारीख़ें, हर तारीख़ का नक्षत्र, तिथि और समय। खरमास, चातुर्मास और गुरु शुक्र अस्त के दिन अलग से।
घर में शादी तय हुई है और सबसे पहला सवाल यही है: तारीख़ कौन सी रखें? पंडित जी से पूछने से पहले आप ख़ुद भी देख सकते हैं कि कौन से दिन शुभ हैं और कौन से दिन शादी नहीं होती।
इस पेज पर 20 नवंबर 2026 से दिसंबर 2027 तक की हर शुभ तारीख़ है। हर तारीख़ के साथ नक्षत्र, तिथि और मुहूर्त का समय लिखा है। साथ में वे दिन भी हैं जब शादी नहीं होती, जैसे खरमास और चातुर्मास।
पहले 2026 की तारीख़ें, फिर 2027 की महीने के हिसाब से। आख़िर में यह कि ये तारीख़ें कैसे चुनी गईं और आपकी अपनी कुंडली से मुहूर्त क्यों ज़रूरी है।
संक्षेप में: देवउठनी एकादशी शुक्रवार 20 नवंबर 2026 को है। इसके बाद नवंबर और दिसंबर 2026 में शादी के 10 मुहूर्त हैं। 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक खरमास है, इसमें शादी नहीं होती। 2027 में शादी के 71 मुहूर्त हैं। 14 जुलाई से 9 नवंबर 2027 तक चातुर्मास है, इसलिए अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2027 में कोई विवाह मुहूर्त नहीं है।
इस पेज में:
- नवंबर और दिसंबर 2026 की तारीख़ें
- 2027 की तारीख़ें, महीने के हिसाब से
- किन दिनों शादी नहीं होती
- ये तारीख़ें कैसे चुनी गईं
- जो तारीख़ें पंचांगों में अलग हैं
- अपनी कुंडली से मुहूर्त क्यों ज़रूरी है
2026 में शादी की शुभ तारीख़ें
चातुर्मास 20 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी के साथ ख़त्म होता है। उसी दिन से शादियाँ शुरू होती हैं। 16 दिसंबर को सूर्य धनु राशि में आते हैं और खरमास लग जाता है। इसलिए 2026 में शादी का समय 21 नवंबर से 12 दिसंबर तक है।
| तारीख़ | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
|---|---|---|---|
| 21 नवंबर 2026, शनिवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी | सुबह 6:50 से सुबह 6:20 (अगले दिन तक) |
| 25 नवंबर 2026, बुधवार | रोहिणी, मृगशिरा | कृष्ण द्वितीया | शाम 4:53 से सुबह 6:53 (अगले दिन तक) |
| 26 नवंबर 2026, गुरुवार | मृगशिरा | कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया | सुबह 6:54 से शाम 5:54 |
| 2 दिसंबर 2026, बुधवार | उत्तरा फाल्गुनी | कृष्ण दशमी | रात 10:59 से सुबह 6:59 (अगले दिन तक) |
| 3 दिसंबर 2026, गुरुवार | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी | पूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक |
| 4 दिसंबर 2026, शुक्रवार | हस्त | कृष्ण एकादशी | सुबह 7:00 से सुबह 10:30 |
| 5 दिसंबर 2026, शनिवार | स्वाति | कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी | दोपहर 12:01 से सुबह 7:01 (अगले दिन तक) |
| 6 दिसंबर 2026, रविवार | स्वाति | कृष्ण त्रयोदशी | सुबह 7:02 से दोपहर 2:02 |
| 11 दिसंबर 2026, शुक्रवार | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल तृतीया | रात 3:05 से सुबह 7:05 |
| 12 दिसंबर 2026, शनिवार | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल तृतीया | सुबह 7:06 से दोपहर 2:36 |
समय जयपुर के हिसाब से है। दिल्ली, अजमेर या जोधपुर में कुछ मिनट का फ़र्क़ आता है, तारीख़ वही रहती है। जहाँ "अगले दिन तक" लिखा है, वहाँ मुहूर्त रात में भी चलता है।
2027 में शादी की शुभ तारीख़ें, महीने के हिसाब से
2027 में शादी का पहला समय 15 जनवरी से शुरू होता है, जब सूर्य मकर राशि में आ जाते हैं। मार्च के बीच से अप्रैल के बीच तक फिर खरमास है। उसके बाद अप्रैल के आख़िर से जुलाई की शुरुआत तक सबसे ज़्यादा मुहूर्त हैं। फिर चातुर्मास के बाद नवंबर और दिसंबर में।
जनवरी 2027: 8 मुहूर्त
| तारीख़ | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
|---|---|---|---|
| 15 जनवरी 2027, शुक्रवार | रेवती | शुक्ल सप्तमी | सुबह 7:17 से दोपहर 2:17 |
| 18 जनवरी 2027, सोमवार | रोहिणी | शुक्ल एकादशी | रात 9:17 से सुबह 7:17 (अगले दिन तक) |
| 19 जनवरी 2027, मंगलवार | रोहिणी, मृगशिरा | शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी | पूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक |
| 20 जनवरी 2027, बुधवार | मृगशिरा | शुक्ल त्रयोदशी | सुबह 7:16 से शाम 4:46 |
| 24 जनवरी 2027, रविवार | मघा | कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया | सुबह 7:15 से रात 2:45 (अगले दिन तक) |
| 26 जनवरी 2027, मंगलवार | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | कृष्ण पंचमी | सुबह 7:15 से रात 4:45 (अगले दिन तक) |
| 30 जनवरी 2027, शनिवार | अनुराधा | कृष्ण दशमी | सुबह 6:43 से सुबह 7:13 |
| 31 जनवरी 2027, रविवार | अनुराधा | कृष्ण दशमी | सुबह 7:12 से सुबह 6:42 (अगले दिन तक) |
फ़रवरी 2027: 8 मुहूर्त
| तारीख़ | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
|---|---|---|---|
| 2 फ़रवरी 2027, मंगलवार | मूल | कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी | सुबह 9:42 से सुबह 7:12 (अगले दिन तक) |
| 3 फ़रवरी 2027, बुधवार | मूल | कृष्ण द्वादशी | सुबह 7:11 से दोपहर 12:41 |
| 10 फ़रवरी 2027, बुधवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | शुक्ल पंचमी | रात 3:07 से सुबह 7:07 |
| 11 फ़रवरी 2027, गुरुवार | रेवती | शुक्ल पंचमी | सुबह 7:06 से रात 3:36 (अगले दिन तक) |
| 15 फ़रवरी 2027, सोमवार | रोहिणी, मृगशिरा | शुक्ल दशमी | रात 11:03 से सुबह 7:03 (अगले दिन तक) |
| 22 फ़रवरी 2027, सोमवार | उत्तरा फाल्गुनी | कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया | सुबह 11:57 से सुबह 6:57 (अगले दिन तक) |
| 25 फ़रवरी 2027, गुरुवार | स्वाति | कृष्ण पंचमी | सुबह 9:55 से रात 8:25 |
| 27 फ़रवरी 2027, शनिवार | अनुराधा | कृष्ण सप्तमी | सुबह 11:53 से रात 10:23 |
मार्च 2027: 7 मुहूर्त
| तारीख़ | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
|---|---|---|---|
| 1 मार्च 2027, सोमवार | मूल | कृष्ण दशमी | रात 2:21 से सुबह 6:51 |
| 2 मार्च 2027, मंगलवार | मूल | कृष्ण दशमी | सुबह 6:50 से शाम 7:50 |
| 3 मार्च 2027, बुधवार | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण एकादशी | रात 10:49 से सुबह 6:49 (अगले दिन तक) |
| 4 मार्च 2027, गुरुवार | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी | सुबह 6:48 से रात 1:48 (अगले दिन तक) |
| 9 मार्च 2027, मंगलवार | उत्तरा भाद्रपद | शुक्ल द्वितीया | दोपहर 3:43 से सुबह 6:43 (अगले दिन तक) |
| 10 मार्च 2027, बुधवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया | पूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक |
| 14 मार्च 2027, रविवार | रोहिणी | शुक्ल सप्तमी | दोपहर 12:37 से सुबह 6:37 (अगले दिन तक) |
अप्रैल 2027: 8 मुहूर्त
| तारीख़ | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
|---|---|---|---|
| 18 अप्रैल 2027, रविवार | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी | सुबह 6:30 से सुबह 6:00 (अगले दिन तक) |
| 19 अप्रैल 2027, सोमवार | हस्त | शुक्ल त्रयोदशी | सुबह 5:59 से सुबह 6:29 |
| 21 अप्रैल 2027, बुधवार | स्वाति | कृष्ण द्वितीया | रात 3:57 से रात 4:57 |
| 23 अप्रैल 2027, शुक्रवार | अनुराधा | कृष्ण तृतीया | सुबह 5:55 से रात 4:25 (अगले दिन तक) |
| 25 अप्रैल 2027, रविवार | मूल | कृष्ण पंचमी | सुबह 9:24 से सुबह 5:54 (अगले दिन तक) |
| 26 अप्रैल 2027, सोमवार | मूल | कृष्ण पंचमी | सुबह 5:53 से सुबह 7:53 |
| 27 अप्रैल 2027, मंगलवार | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण सप्तमी | दोपहर 2:52 से सुबह 5:52 (अगले दिन तक) |
| 28 अप्रैल 2027, बुधवार | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण सप्तमी | सुबह 5:51 से दोपहर 12:51 |
मई 2027: 14 मुहूर्त
| तारीख़ | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
|---|---|---|---|
| 4 मई 2027, मंगलवार | रेवती | कृष्ण त्रयोदशी | सुबह 5:46 से शाम 7:46 |
| 7 मई 2027, शुक्रवार | रोहिणी | शुक्ल द्वितीया | रात 11:44 से सुबह 5:44 (अगले दिन तक) |
| 9 मई 2027, रविवार | मृगशिरा | शुक्ल तृतीया | सुबह 5:43 से सुबह 9:13 |
| 15 मई 2027, शनिवार | उत्तरा फाल्गुनी | शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी | दोपहर 12:09 से सुबह 5:39 (अगले दिन तक) |
| 16 मई 2027, रविवार | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी | पूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक |
| 17 मई 2027, सोमवार | हस्त | शुक्ल द्वादशी | सुबह 5:38 से सुबह 11:38 |
| 18 मई 2027, मंगलवार | स्वाति | शुक्ल त्रयोदशी | दोपहर 12:07 से शाम 4:07 |
| 20 मई 2027, गुरुवार | अनुराधा | शुक्ल पूर्णिमा | दोपहर 1:37 से शाम 4:37 |
| 22 मई 2027, शनिवार | मूल | कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया | शाम 5:06 से सुबह 5:36 (अगले दिन तक) |
| 23 मई 2027, रविवार | मूल | कृष्ण तृतीया | सुबह 5:35 से शाम 7:35 |
| 24 मई 2027, सोमवार | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण पंचमी | रात 11:05 से सुबह 5:35 (अगले दिन तक) |
| 25 मई 2027, मंगलवार | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण पंचमी | सुबह 5:35 से रात 1:35 (अगले दिन तक) |
| 30 मई 2027, रविवार | उत्तरा भाद्रपद | कृष्ण दशमी | सुबह 11:33 से सुबह 5:33 (अगले दिन तक) |
| 31 मई 2027, सोमवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी | पूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक |
जून 2027: 10 मुहूर्त
| तारीख़ | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
|---|---|---|---|
| 1 जून 2027, मंगलवार | रेवती | कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी | सुबह 5:33 से दोपहर 1:03 |
| 5 जून 2027, शनिवार | मृगशिरा | शुक्ल द्वितीया | रात 10:02 से सुबह 5:02 (अगले दिन तक) |
| 10 जून 2027, गुरुवार | मघा | शुक्ल सप्तमी | सुबह 7:32 से शाम 6:32 |
| 12 जून 2027, शनिवार | हस्त | शुक्ल दशमी | रात 3:02 से सुबह 5:32 |
| 13 जून 2027, रविवार | हस्त | शुक्ल दशमी | सुबह 5:32 से शाम 5:02 |
| 15 जून 2027, मंगलवार | स्वाति | शुक्ल द्वादशी | सुबह 5:32 से शाम 6:32 |
| 16 जून 2027, बुधवार | अनुराधा | शुक्ल त्रयोदशी | रात 8:02 से रात 3:32 (अगले दिन तक) |
| 19 जून 2027, शनिवार | मूल | शुक्ल पूर्णिमा | सुबह 5:33 से सुबह 6:33 |
| 21 जून 2027, सोमवार | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया | पूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक |
| 26 जून 2027, शनिवार | उत्तरा भाद्रपद | कृष्ण सप्तमी | शाम 7:34 से रात 10:04 |
जुलाई 2027: 1 मुहूर्त
| तारीख़ | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
|---|---|---|---|
| 1 जुलाई 2027, गुरुवार | रोहिणी | कृष्ण त्रयोदशी | शाम 7:36 से सुबह 5:36 (अगले दिन तक) |
नवंबर 2027: 9 मुहूर्त
| तारीख़ | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
|---|---|---|---|
| 10 नवंबर 2027, बुधवार | उत्तरा भाद्रपद | शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी | पूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक |
| 11 नवंबर 2027, गुरुवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी | पूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक |
| 15 नवंबर 2027, सोमवार | रोहिणी, मृगशिरा | कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया | सुबह 7:46 से सुबह 6:46 (अगले दिन तक) |
| 16 नवंबर 2027, मंगलवार | मृगशिरा | कृष्ण तृतीया | सुबह 6:46 से रात 3:46 (अगले दिन तक) |
| 23 नवंबर 2027, मंगलवार | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी | पूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक |
| 24 नवंबर 2027, बुधवार | हस्त | कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी | सुबह 6:52 से शाम 7:22 |
| 25 नवंबर 2027, गुरुवार | स्वाति | कृष्ण त्रयोदशी | शाम 6:23 से सुबह 6:53 (अगले दिन तक) |
| 26 नवंबर 2027, शुक्रवार | स्वाति | कृष्ण त्रयोदशी | सुबह 6:54 से सुबह 9:54 |
| 29 नवंबर 2027, सोमवार | मूल | शुक्ल द्वितीया | शाम 7:56 से सुबह 6:56 (अगले दिन तक) |
दिसंबर 2027: 6 मुहूर्त
| तारीख़ | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
|---|---|---|---|
| 2 दिसंबर 2027, गुरुवार | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल पंचमी | दोपहर 1:58 से रात 2:58 (अगले दिन तक) |
| 7 दिसंबर 2027, मंगलवार | उत्तरा भाद्रपद | शुक्ल दशमी | रात 2:02 से सुबह 7:02 |
| 8 दिसंबर 2027, बुधवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी | पूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक |
| 9 दिसंबर 2027, गुरुवार | रेवती | शुक्ल एकादशी | सुबह 7:03 से शाम 5:33 |
| 12 दिसंबर 2027, रविवार | रोहिणी | शुक्ल पूर्णिमा | रात 12:05 से सुबह 7:05 |
| 13 दिसंबर 2027, सोमवार | रोहिणी, मृगशिरा | शुक्ल पूर्णिमा | सुबह 7:06 से रात 10:06 |
यहाँ पहला भाग है। अब वे दिन देखिए जब शादी नहीं रखी जाती।
2027 में किन दिनों शादी नहीं होती
| समय | क्या | क्यों |
|---|---|---|
| 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 | खरमास | सूर्य धनु राशि में |
| 15 मार्च से 14 अप्रैल 2027 | खरमास या मलमास | सूर्य मीन राशि में |
| 15 मार्च से 22 मार्च 2027 | होलाष्टक | होली से पहले के 8 दिन |
| 14 जुलाई से 9 नवंबर 2027 | चातुर्मास | देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक |
| 21 जुलाई से 9 सितंबर 2027 | शुक्र अस्त | शुक्र सूर्य के पास, दिखाई नहीं देता |
| 17 अगस्त से 13 सितंबर 2027 | गुरु अस्त | गुरु सूर्य के पास, दिखाई नहीं देता |
| 15 सितंबर से 29 सितंबर 2027 | पितृ पक्ष | श्राद्ध के दिन |
| 16 दिसंबर 2027 से 15 जनवरी 2028 | खरमास | सूर्य धनु राशि में |
इन दिनों में शादी नहीं रखी जाती, चाहे नक्षत्र और तिथि कितने भी अच्छे हों। सबसे लंबी रोक चातुर्मास की है। मान्यता है कि इन चार महीनों में भगवान विष्णु शयन करते हैं, इसलिए विवाह जैसे मंगल काम रुके रहते हैं।
गुरु और शुक्र अस्त का मतलब है कि ये ग्रह सूर्य के इतने पास आ जाते हैं कि आसमान में दिखाई नहीं देते। शुक्र शादी का ग्रह है और गुरु शुभ कामों का। दोनों में से कोई भी अस्त हो, तो विवाह मुहूर्त नहीं निकाला जाता। 2027 में दोनों चातुर्मास के अंदर ही अस्त हैं, इसलिए इनसे कोई अलग तारीख़ नहीं कटती।
ये तारीख़ें कैसे चुनी गईं
शादी का मुहूर्त तीन चीज़ों से बनता है: नक्षत्र, तिथि और वे दिन जो पहले से वर्जित हैं। हमने हर दिन को इन नियमों पर परखा।
नक्षत्र: विवाह के लिए 11 नक्षत्र शुभ माने जाते हैं। रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद और रेवती। बाक़ी 16 नक्षत्रों में शादी नहीं रखी जाती।
तिथि: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी और त्रयोदशी शुभ हैं। पूर्णिमा भी कई पंचांग लेते हैं। चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी रिक्ता तिथि हैं, इनमें शादी नहीं होती। अमावस्या, प्रतिपदा, षष्ठी और अष्टमी भी छोड़ी जाती हैं।
वर्जित दिन: ऊपर की तालिका वाले सभी दिन हटा दिए गए।
जिस दिन शुभ नक्षत्र और शुभ तिथि एक साथ थे, और दिन वर्जित नहीं था, वही तारीख़ इस सूची में है। तारीख़ के साथ वह समय है जब दोनों साथ थे।
एक बात और। हमने अपनी हर तारीख़ को दृक पंचांग की सूची से मिलाया। ऊपर की तालिकाओं में सिर्फ़ वही तारीख़ें हैं जो दोनों जगह शुभ निकलीं। जो तारीख़ें सिर्फ़ एक जगह थीं, वे नीचे अलग से दी हैं।
जो तारीख़ें अलग अलग पंचांगों में अलग हैं
नीचे की तारीख़ें शास्त्र के नियमों से शुभ निकलती हैं, पर कुछ पंचांग इन्हें नहीं लिखते। वजह ज़्यादातर यह होती है कि उस दिन शुभ समय छोटा है, या लग्न ठीक नहीं बैठता। इन तारीख़ों पर शादी रखने से पहले अपने पंडित जी से एक बार पूछ लीजिए।
| तारीख़ | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
|---|---|---|---|
| 20 नवंबर 2026, शुक्रवार | उत्तरा भाद्रपद | शुक्ल एकादशी | सुबह 7:20 से सुबह 6:50 (अगले दिन तक) |
| 30 नवंबर 2026, सोमवार | मघा | कृष्ण सप्तमी | सुबह 9:57 से रात 12:27 (अगले दिन तक) |
| 10 दिसंबर 2026, गुरुवार | मूल | शुक्ल द्वितीया | सुबह 9:04 से रात 12:04 (अगले दिन तक) |
| 23 जनवरी 2027, शनिवार | मघा | कृष्ण द्वितीया | सुबह 5:15 से सुबह 7:15 |
| 25 जनवरी 2027, सोमवार | उत्तरा फाल्गुनी | कृष्ण पंचमी | सुबह 6:15 से सुबह 7:15 |
| 28 जनवरी 2027, गुरुवार | स्वाति | कृष्ण सप्तमी | रात 12:44 से रात 4:14 |
| 4 फ़रवरी 2027, गुरुवार | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण त्रयोदशी | दोपहर 3:40 से शाम 4:40 |
| 16 फ़रवरी 2027, मंगलवार | मृगशिरा | शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी | सुबह 7:02 से रात 2:02 (अगले दिन तक) |
| 20 फ़रवरी 2027, शनिवार | मघा | शुक्ल पूर्णिमा | शाम 4:29 से रात 4:59 (अगले दिन तक) |
| 23 फ़रवरी 2027, मंगलवार | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | कृष्ण तृतीया | सुबह 6:56 से रात 9:56 |
| 11 मार्च 2027, गुरुवार | रेवती | शुक्ल तृतीया | सुबह 6:41 से सुबह 11:41 |
| 16 अप्रैल 2027, शुक्रवार | मघा | शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी | सुबह 8:32 से सुबह 6:02 (अगले दिन तक) |
| 17 अप्रैल 2027, शनिवार | मघा | शुक्ल एकादशी | सुबह 6:01 से सुबह 7:31 |
| 2 मई 2027, रविवार | उत्तरा भाद्रपद | कृष्ण द्वादशी | रात 2:48 से सुबह 5:48 |
| 3 मई 2027, सोमवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी | पूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक |
| 8 मई 2027, शनिवार | रोहिणी, मृगशिरा | शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया | पूरा दिन, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक |
| 14 जून 2027, सोमवार | स्वाति | शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी | शाम 5:32 से सुबह 5:32 (अगले दिन तक) |
| 18 जून 2027, शुक्रवार | मूल | शुक्ल पूर्णिमा | रात 12:02 से सुबह 5:32 |
| 22 जून 2027, मंगलवार | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण तृतीया | सुबह 5:33 से सुबह 8:33 |
| 2 जुलाई 2027, शुक्रवार | रोहिणी | कृष्ण त्रयोदशी | सुबह 5:36 से दोपहर 3:36 |
| 12 नवंबर 2027, शुक्रवार | रेवती | शुक्ल त्रयोदशी | सुबह 6:43 से सुबह 8:13 |
| 22 नवंबर 2027, सोमवार | उत्तरा फाल्गुनी | कृष्ण दशमी | रात 8:51 से सुबह 6:51 (अगले दिन तक) |
| 30 नवंबर 2027, मंगलवार | मूल | शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया | सुबह 6:57 से रात 9:57 |
अपनी कुंडली से मुहूर्त क्यों ज़रूरी है
ऊपर की सूची पंचांग के हिसाब से है। यह सबके लिए एक जैसी है। पर हर शादी में दो लोग होते हैं, और दोनों की कुंडली अलग है।
पंडित जी शादी की तारीख़ तय करते समय तीन बातें और देखते हैं। पहली, वर और वधू का तारा बल, यानी उस दिन का नक्षत्र उनके जन्म नक्षत्र से कैसा मेल रखता है। दूसरी, चंद्र बल, यानी उस दिन चंद्रमा उनकी राशि से किस घर में है। तीसरी, विवाह का लग्न, यानी फेरों के समय पूरब में कौन सी राशि उग रही है।
इसी वजह से एक ही तारीख़ किसी जोड़े के लिए बहुत अच्छी और किसी के लिए साधारण हो सकती है। अपनी तारीख़ पक्की करने से पहले दोनों की कुंडली से मुहूर्त निकलवा लीजिए।
अपनी कुंडली से मुहूर्त चाहिए? R P Pandey जी हर संदेश स्वयं पढ़ते हैं। व्हाट्सऐप पर अपनी बात भेजिए। कोई तय शुल्क नहीं है।
मुहूर्त निकालने का पूरा तरीक़ा शुभ मुहूर्त क्या है और कैसे निकालें में है। घर में जाने की तारीख़ें गृह प्रवेश मुहूर्त 2027 में देखिए। खरमास की पूरी जानकारी खरमास 2026 में है।
स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि के विवाह प्रकरण के नियम। तिथि और नक्षत्र की गणना हमारे अपने पंचांग इंजन से, लाहिरी अयनांश, जयपुर के सूर्योदय पर। तारीख़ों का मिलान दृक पंचांग की विवाह मुहूर्त 2026 और 2027 की सूची से।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2026 में शादी का मुहूर्त कब से शुरू है?
- देवउठनी एकादशी 20 नवंबर 2026 को है। इसके बाद 21 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 तक शादी के 10 मुहूर्त हैं। 16 दिसंबर से खरमास लग जाता है।
- 2027 में शादी के कितने मुहूर्त हैं?
- 2027 में शादी के 71 शुभ मुहूर्त हैं। सबसे ज़्यादा मई और जून में हैं। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में चातुर्मास की वजह से कोई मुहूर्त नहीं है।
- खरमास 2027 में कब है?
- 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक और फिर 15 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक। इन दिनों शादी नहीं होती। 16 दिसंबर 2027 से अगला खरमास शुरू होगा।
- चातुर्मास 2027 कब से कब तक है?
- देवशयनी एकादशी 14 जुलाई 2027 से देवउठनी एकादशी 10 नवंबर 2027 तक। इन चार महीनों में शादी नहीं रखी जाती। शादियाँ 10 नवंबर 2027 के बाद फिर शुरू होंगी।
- क्या मंगलवार को शादी हो सकती है?
- शास्त्र में विवाह के लिए किसी वार की रोक नहीं है, पर कई घरों में मंगलवार और शनिवार टाले जाते हैं। ऊपर की सूची में ये दिन भी हैं। अपने घर की परंपरा के हिसाब से चुनिए।
- शादी की तारीख़ कुंडली से क्यों निकलवानी चाहिए?
- पंचांग की तारीख़ सबके लिए एक जैसी है। कुंडली से वर और वधू का तारा बल, चंद्र बल और विवाह लग्न देखा जाता है। इससे पता चलता है कि कौन सी तारीख़ इसी जोड़े के लिए सबसे अच्छी है।
अपना प्रश्न इसी तरह समझना चाहते हैं?
आप अपना प्रश्न आर पी पांडे जी को व्हाट्सऐप पर रख सकते हैं। पहले देखा जाता है कि घटना प्रॉमिस है या नहीं, फिर समय।
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