॥ श्री गणेशाय नमः ॥

·5 min read·By R P Pandey

दीवाली 2026 लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: जयपुर समेत 20 शहरों का समय

दीवाली 2026 रविवार 8 नवंबर को है। लक्ष्मी पूजन मुहूर्त जयपुर शाम 6:04 से 8:00, दिल्ली 5:55 से 7:51। धनतेरस, नरक चतुर्दशी, गोवर्धन और भाई दूज का समय भी, 20 शहरों के लिए।

दीवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर को है। लक्ष्मी पूजन का सबसे अच्छा समय जयपुर में शाम 6:04 से 8:00 और दिल्ली में शाम 5:55 से 7:51 है। नीचे 20 शहरों का समय है, और धनतेरस से भाई दूज तक हर दिन की तारीख़ भी।

दीवाली 2026: लक्ष्मी पूजन मुहूर्त, शहर के हिसाब से

कार्तिक अमावस्या 8 नवंबर सुबह 11:28 से 9 नवंबर दोपहर 12:32 तक है। 8 नवंबर की शाम अमावस्या रहेगी, इसलिए दीवाली इसी दिन है।

शहरलक्ष्मी पूजन मुहूर्तप्रदोष काल
जयपुरशाम 6:04 से 8:00शाम 5:39 से 8:03
दिल्लीशाम 5:55 से 7:51शाम 5:31 से 7:55
अजमेरशाम 6:09 से 8:05शाम 5:44 से 8:08
बिजयनगरशाम 6:10 से 8:07शाम 5:45 से 8:09
जोधपुरशाम 6:16 से 8:13शाम 5:51 से 8:15
उदयपुरशाम 6:16 से 8:14शाम 5:51 से 8:15
कोटाशाम 6:07 से 8:04शाम 5:41 से 8:05
भीलवाड़ाशाम 6:11 से 8:09शाम 5:46 से 8:10
बीकानेरशाम 6:12 से 8:08शाम 5:47 से 8:11
मुंबईशाम 6:28 से 8:26शाम 6:02 से 8:26
अहमदाबादशाम 6:23 से 8:22शाम 5:58 से 8:22
इंदौरशाम 6:11 से 8:09शाम 5:45 से 8:09
भोपालशाम 6:04 से 8:02शाम 5:38 से 8:02
लखनऊशाम 5:44 से 7:40शाम 5:19 से 7:43
पटनाशाम 5:29 से 7:26शाम 5:04 से 7:28
कोलकाताशाम 5:21 से 7:19शाम 4:55 से 7:19
चंडीगढ़शाम 5:53 से 7:48शाम 5:29 से 7:53
पुणेशाम 6:25 से 8:22शाम 5:58 से 8:22
बेंगलुरुशाम 6:19 से 8:15शाम 5:51 से 8:15
हैदराबादशाम 6:09 से 8:05शाम 5:41 से 8:05

सभी समय भारतीय मानक समय में हैं। मुहूर्त हर शहर में कुछ मिनट आगे पीछे होता है, क्योंकि सूर्यास्त और लग्न शहर के हिसाब से बदलते हैं।

दीवाली 2026 लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: जयपुर, दिल्ली और अजमेर का समय
दीवाली 2026 लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: जयपुर, दिल्ली और अजमेर का समय

यह मुहूर्त कैसे निकाला गया?

लक्ष्मी पूजन के लिए दो बातें एक साथ देखी जाती हैं।

  1. प्रदोष काल: सूर्यास्त के बाद के लगभग 2 घंटे 24 मिनट। दीवाली की पूजा इसी समय होती है।
  2. स्थिर लग्न: वृषभ लग्न स्थिर लग्न है। मान्यता है कि स्थिर लग्न में पूजा करने से लक्ष्मी घर में टिकती हैं।

जिस समय प्रदोष काल और वृषभ लग्न दोनों साथ हों, वही लक्ष्मी पूजन का सबसे अच्छा मुहूर्त है। ऊपर की तालिका में यही समय दिया गया है।

निशीथ काल: रात में साधना करने वाले जयपुर में रात 11:46 से 12:34 का समय लेते हैं।

धनतेरस 2026: पूजन और दीपदान का समय

धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को है। त्रयोदशी 6 नवंबर सुबह 10:31 से 7 नवंबर सुबह 10:48 तक है, इसलिए 6 नवंबर की शाम प्रदोष में त्रयोदशी रहेगी। धनतेरस भगवान धन्वंतरि की जयंती भी है।

शहरधनतेरस पूजन और दीपदानप्रदोष काल
जयपुरशाम 6:11 से 8:04शाम 5:40 से 8:04
दिल्लीशाम 6:03 से 7:56शाम 5:32 से 7:56
अजमेरशाम 6:17 से 8:10शाम 5:46 से 8:10
बिजयनगरशाम 6:18 से 8:10शाम 5:46 से 8:10
जोधपुरशाम 6:24 से 8:16शाम 5:52 से 8:16
उदयपुरशाम 6:24 से 8:16शाम 5:52 से 8:16
कोटाशाम 6:15 से 8:06शाम 5:42 से 8:06
भीलवाड़ाशाम 6:19 से 8:11शाम 5:47 से 8:11
बीकानेरशाम 6:20 से 8:13शाम 5:49 से 8:13
मुंबईशाम 6:36 से 8:26शाम 6:02 से 8:26
अहमदाबादशाम 6:31 से 8:23शाम 5:59 से 8:23
इंदौरशाम 6:19 से 8:10शाम 5:46 से 8:10
भोपालशाम 6:12 से 8:03शाम 5:39 से 8:03
लखनऊशाम 5:51 से 7:44शाम 5:20 से 7:44
पटनाशाम 5:37 से 7:29शाम 5:05 से 7:29
कोलकाताशाम 5:29 से 7:20शाम 4:56 से 7:20
चंडीगढ़शाम 6:01 से 7:55शाम 5:31 से 7:55
पुणेशाम 6:33 से 8:23शाम 5:59 से 8:23
बेंगलुरुशाम 6:27 से 8:15शाम 5:51 से 8:15
हैदराबादशाम 6:17 से 8:06शाम 5:42 से 8:06

नरक चतुर्दशी और रूप चौदस

चतुर्दशी 7 नवंबर सुबह 10:48 से 8 नवंबर सुबह 11:28 तक है। नरक चतुर्दशी का स्नान सूर्योदय से पहले किया जाता है। 8 नवंबर को सूर्योदय के समय चतुर्दशी रहेगी, इसलिए स्नान 8 नवंबर की सुबह सूर्योदय से पहले कीजिए। जयपुर में सूर्योदय सुबह 6:41 पर है।

गोवर्धन पूजा और भाई दूज

  • गोवर्धन पूजा, मंगलवार 10 नवंबर: प्रतिपदा 9 नवंबर दोपहर 12:32 से 10 नवंबर दोपहर 2:01 तक है। 10 नवंबर को सूर्योदय के समय प्रतिपदा है, इसलिए पूजा इसी दिन है।
  • भाई दूज, बुधवार 11 नवंबर: द्वितीया 10 नवंबर दोपहर 2:01 से 11 नवंबर दोपहर 3:54 तक है। तिलक 11 नवंबर को दोपहर 3:54 से पहले कर लीजिए।

दीवाली के पाँच दिन, एक नज़र में

दिनत्योहार
शुक्रवार 6 नवंबरधनतेरस
रविवार 8 नवंबर, सुबहनरक चतुर्दशी का स्नान
रविवार 8 नवंबर, शामदीवाली, लक्ष्मी पूजन
मंगलवार 10 नवंबरगोवर्धन पूजा
बुधवार 11 नवंबरभाई दूज

दीवाली के बाद

देवउठनी एकादशी शुक्रवार 20 नवंबर को है। उसी दिन चातुर्मास ख़त्म होता है और शादियाँ शुरू होती हैं। व्रत और पारण का समय देवउठनी एकादशी 2026 में है, और शादी की तारीख़ें विवाह मुहूर्त 2026 और 2027 में।

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आपका कोई प्रश्न है? आर पी पांडे जी हर संदेश स्वयं पढ़ते हैं। व्हाट्सऐप पर अपना प्रश्न भेजें — कोई तय शुल्क नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीवाली 2026 कब है?
दीवाली रविवार 8 नवंबर 2026 को है। अमावस्या 8 नवंबर सुबह 11:28 से 9 नवंबर दोपहर 12:32 तक है, और 8 नवंबर की शाम प्रदोष काल में अमावस्या रहेगी।
दीवाली 2026 में लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है?
जयपुर में शाम 6:04 से 8:00, दिल्ली में शाम 5:55 से 7:51 और अजमेर में शाम 6:09 से 8:05। यह प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न का मेल है।
धनतेरस 2026 कब है और पूजा का समय क्या है?
धनतेरस शुक्रवार 6 नवंबर 2026 को है। पूजन और दीपदान का समय जयपुर में शाम 6:11 से 8:04, दिल्ली में शाम 6:03 से 7:56 और अजमेर में शाम 6:17 से 8:10 है।
गोवर्धन पूजा और भाई दूज 2026 कब हैं?
गोवर्धन पूजा मंगलवार 10 नवंबर को और भाई दूज बुधवार 11 नवंबर को है। भाई दूज का तिलक 11 नवंबर दोपहर 3:54 से पहले कर लीजिए, क्योंकि तब तक द्वितीया है।
मुहूर्तत्योहारपंचांग

अपना प्रश्न इसी तरह समझना चाहते हैं?

आप अपना प्रश्न आर पी पांडे जी को व्हाट्सऐप पर रख सकते हैं। पहले देखा जाता है कि घटना प्रॉमिस है या नहीं, फिर समय।

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