॥ श्री गणेशाय नमः ॥

मुफ़्त पंचांग

पंचांग: 27 अक्टूबर 2026

जयपुर के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक। तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ चौघड़िया, सब एक जगह।

इस दिन का शुभ समय

  • अभिजित मुहूर्त: 11:48 से 12:33
  • लाभ चौघड़िया: 10:46 से 12:10
  • अमृत चौघड़िया: 12:10 से 13:34
  • शुभ चौघड़िया: 14:59 से 16:23
  • राहुकाल, नया काम शुरू न करें: 14:59 से 16:23

पंचांग

वारमंगलवार
तिथिकृष्ण प्रतिपदा, सुबह 7:02 तक, फिर कृष्ण द्वितीया, 28 अक्टूबर, सुबह 4:07 तक, फिर कृष्ण तृतीया
नक्षत्रभरणी, दोपहर 3:40 तक, फिर कृत्तिका
योगसिद्धि, सुबह 10:54 तक, फिर व्यतीपात
करणकौलव, सुबह 7:02 तक, फिर तैतिल, शाम 5:36 तक, फिर गर, 28 अक्टूबर, सुबह 4:07 तक, फिर वणिज
चंद्र राशिमेष
सूर्य राशितुला
सूर्योदय और सूर्यास्त06:33 और 17:47
चंद्रोदय18:28
दिशाशूलउत्तर दिशा

अशुभ समय

राहु काल
14:59 से 16:23
यमगण्ड
09:21 से 10:46
गुलिक काल
12:10 से 13:34

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

रोग
06:33 से 07:57
उद्वेग
07:57 से 09:21
चर
09:21 से 10:46
लाभ
10:46 से 12:10
अमृत
12:10 से 13:34
काल
13:34 से 14:59
शुभ
14:59 से 16:23
रोग
16:23 से 17:47

रात का चौघड़िया

काल
17:47 से 19:23
लाभ
19:23 से 20:59
उद्वेग
20:59 से 22:35
शुभ
22:35 से 00:10
अमृत
00:10 से 01:46
चर
01:46 से 03:22
रोग
03:22 से 04:58
काल
04:58 से 06:33

हरा: अच्छा समय। पीला: सामान्य, यात्रा के लिए ठीक। लाल: नया काम शुरू न करें।

पंचांग पढ़ना सीखिए

तिथि, नक्षत्र और चौघड़िया से ख़ुद शुभ समय कैसे चुनें, यह पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त कैसे निकालें में आसान भाषा में समझाया है। दीवाली, धनतेरस और अष्टमी के मुहूर्त शुभ मुहूर्त क्या है में देखिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राहुकाल में क्या नहीं करना चाहिए?

राहुकाल में नया शुभ काम शुरू नहीं किया जाता, जैसे दुकान खोलना, नई चीज़ ख़रीदना या यात्रा शुरू करना। रोज़ के चलते काम करने में कोई रोक नहीं है।

चौघड़िया में कौन सा समय अच्छा होता है?

अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं। चर सामान्य है और यात्रा के लिए ठीक है। रोग, काल और उद्वेग में नया काम शुरू नहीं करते।

तिथि कब तक है, यह क्यों देखते हैं?

व्रत और त्योहार उसी दिन माने जाते हैं जब तिथि सही समय पर हो, जैसे सूर्योदय पर या शाम को। इसलिए तिथि कब ख़त्म होगी, यह जानना ज़रूरी है।

समय की गणना लाहिरी अयनांश और आपके शहर के असली सूर्योदय से होती है। विवाह जैसे बड़े काम के लिए अपना व्यक्तिगत मुहूर्त R P Pandey जी से पूछिए।