॥ श्री गणेशाय नमः ॥

·4 min read·By R P Pandey

प्रदोष व्रत 2027 की सूची: सभी 25 प्रदोष की तारीख़ और पूजा का समय

प्रदोष व्रत 2027 की पूरी सूची: 5 जनवरी से 25 दिसंबर तक सभी 25 प्रदोष, हर एक की त्रयोदशी तिथि का समय, प्रदोष काल, और कौन सा सोम प्रदोष, भौम प्रदोष या शनि प्रदोष है।

प्रदोष व्रत भगवान शिव के लिए रखा जाता है। यह हर महीने दो बार, शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को आता है। पूजा शाम को प्रदोष काल में होती है, यानी सूर्यास्त के बाद के लगभग 2 घंटे 24 मिनट में।

संक्षेप में: 2027 में 25 प्रदोष व्रत हैं। पहला 5 जनवरी को भौम प्रदोष है और आख़िरी 25 दिसंबर को शनि प्रदोष। साल में 4 सोम प्रदोष हैं: 3 मई, 17 मई, 13 सितंबर और 27 सितंबर। 5 शनि प्रदोष हैं: 20 मार्च, 31 जुलाई, 14 अगस्त, 11 दिसंबर और 25 दिसंबर।

प्रदोष व्रत 2027 की सूची

तारीख़पक्षत्रयोदशी तिथि (जयपुर)पूजा का समय
5 जनवरी 2027, मंगलवारकृष्ण पक्ष, भौम प्रदोष4 जनवरी, शाम 6:16 से रात 8:40 तकप्रदोष काल शाम 17:47 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
20 जनवरी 2027, बुधवारशुक्ल पक्षसुबह 4:42 से 21 जनवरी, सुबह 1:12 तकप्रदोष काल शाम 17:59 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
3 फ़रवरी 2027, बुधवारकृष्ण पक्षदोपहर 1:51 से 4 फ़रवरी, शाम 4:32 तकप्रदोष काल शाम 18:09 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
18 फ़रवरी 2027, गुरुवारशुक्ल पक्षदोपहर 2:28 से 19 फ़रवरी, सुबह 11:15 तकप्रदोष काल शाम 18:20 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
5 मार्च 2027, शुक्रवारकृष्ण पक्षसुबह 9:54 से 6 मार्च, दोपहर 12:04 तकप्रदोष काल शाम 18:29 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
20 मार्च 2027, शनिवारशुक्ल पक्ष, शनि प्रदोष19 मार्च, रात 11:18 से रात 8:46 तकप्रदोष काल शाम 18:37 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
4 अप्रैल 2027, रविवारकृष्ण पक्षसुबह 4:27 से 5 अप्रैल, सुबह 5:24 तकप्रदोष काल शाम 18:45 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
18 अप्रैल 2027, रविवारशुक्ल पक्षसुबह 7:43 से 19 अप्रैल, सुबह 6:09 तकप्रदोष काल शाम 18:52 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
3 मई 2027, सोमवारकृष्ण पक्ष, सोम प्रदोषरात 8:05 से 4 मई, शाम 7:31 तकप्रदोष काल शाम 19:00 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
17 मई 2027, सोमवारशुक्ल पक्ष, सोम प्रदोषशाम 4:29 से 18 मई, शाम 4:04 तकप्रदोष काल शाम 19:08 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
2 जून 2027, बुधवारकृष्ण पक्षसुबह 8:29 से 3 जून, सुबह 6:35 तकप्रदोष काल शाम 19:16 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
16 जून 2027, बुधवारशुक्ल पक्षसुबह 2:31 से 17 जून, सुबह 3:21 तकप्रदोष काल शाम 19:22 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
1 जुलाई 2027, गुरुवारकृष्ण पक्षशाम 6:15 से 2 जुलाई, दोपहर 3:24 तकप्रदोष काल शाम 19:24 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
15 जुलाई 2027, गुरुवारशुक्ल पक्षदोपहर 2:41 से 16 जुलाई, शाम 4:35 तकप्रदोष काल शाम 19:23 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
31 जुलाई 2027, शनिवारकृष्ण पक्ष, शनि प्रदोषसुबह 2:19 से रात 10:58 तकप्रदोष काल शाम 19:15 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
14 अगस्त 2027, शनिवारशुक्ल पक्ष, शनि प्रदोषसुबह 5:22 से 15 अगस्त, सुबह 7:54 तकप्रदोष काल शाम 19:05 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
29 अगस्त 2027, रविवारकृष्ण पक्षसुबह 9:36 से 30 अगस्त, सुबह 6:13 तकप्रदोष काल शाम 18:50 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
13 सितंबर 2027, सोमवारशुक्ल पक्ष, सोम प्रदोष12 सितंबर, रात 10:13 से 14 सितंबर, दोपहर 12:40 तकप्रदोष काल शाम 18:34 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
27 सितंबर 2027, सोमवारकृष्ण पक्ष, सोम प्रदोषशाम 4:56 से 28 सितंबर, दोपहर 1:55 तकप्रदोष काल शाम 18:18 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
12 अक्टूबर 2027, मंगलवारशुक्ल पक्ष, भौम प्रदोषशाम 4:14 से 13 अक्टूबर, शाम 5:49 तकप्रदोष काल शाम 18:01 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
27 अक्टूबर 2027, बुधवारकृष्ण पक्षसुबह 1:04 से रात 10:50 तकप्रदोष काल शाम 17:48 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
11 नवंबर 2027, गुरुवारशुक्ल पक्षसुबह 10:08 से 12 नवंबर, सुबह 10:21 तकप्रदोष काल शाम 17:38 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
25 नवंबर 2027, गुरुवारकृष्ण पक्षसुबह 10:51 से 26 नवंबर, सुबह 9:48 तकप्रदोष काल शाम 17:33 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
11 दिसंबर 2027, शनिवारशुक्ल पक्ष, शनि प्रदोषसुबह 2:54 से 12 दिसंबर, सुबह 1:43 तकप्रदोष काल शाम 17:34 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट
25 दिसंबर 2027, शनिवारकृष्ण पक्ष, शनि प्रदोष24 दिसंबर, रात 11:09 से रात 11:32 तकप्रदोष काल शाम 17:40 से लगभग 2 घंटे 24 मिनट

प्रदोष काल का समय जयपुर के सूर्यास्त से है। अपने शहर का सूर्यास्त आज का पंचांग पर देखिए और उससे 2 घंटे 24 मिनट तक पूजा कीजिए।

व्रत की तारीख़ कैसे तय होती है

प्रदोष व्रत में तिथि सूर्योदय पर नहीं, शाम को देखी जाती है। जिस दिन त्रयोदशी प्रदोष काल में हो, व्रत उसी दिन रखा जाता है। अगर त्रयोदशी दो दिन शाम को मिले, तो जिस दिन वह प्रदोष काल में ज़्यादा देर रहे, वह दिन लिया जाता है।

सोम, भौम और शनि प्रदोष

जिस वार को प्रदोष पड़े, उसका नाम उसी से होता है। सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष और शनिवार को शनि प्रदोष कहते हैं। सोम प्रदोष शिव जी का ही दिन होने से ख़ास माना जाता है। शनि प्रदोष शनि की साढ़े साती और ढैय्या वालों के लिए अच्छा माना जाता है। तालिका में हर प्रदोष के साथ उसका नाम लिखा है।

बाक़ी व्रत एकादशी 2027, अमावस्या 2027 और पूर्णिमा 2027 में देखिए।

अपनी कुंडली से मुहूर्त चाहिए? R P Pandey जी हर संदेश स्वयं पढ़ते हैं। व्हाट्सऐप पर अपनी बात भेजिए। कोई तय शुल्क नहीं है।

स्रोत: तिथि और सूर्यास्त हमारे अपने पंचांग इंजन से, जयपुर, लाहिरी अयनांश। सभी 25 तारीख़ें दृक पंचांग की प्रदोष 2027 सूची से मिलती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में सोम प्रदोष कब कब है?
3 मई, 17 मई, 13 सितंबर और 27 सितंबर 2027 को। मई और सितंबर में दोनों प्रदोष सोमवार को पड़ रहे हैं।
2027 में शनि प्रदोष कब कब है?
20 मार्च, 31 जुलाई, 14 अगस्त, 11 दिसंबर और 25 दिसंबर 2027 को।
प्रदोष व्रत की पूजा किस समय करें?
सूर्यास्त के बाद के लगभग 2 घंटे 24 मिनट को प्रदोष काल कहते हैं। पूजा इसी समय करें। अपने शहर का सूर्यास्त देखकर समय निकालिए।
प्रदोष व्रत किस तिथि को रखते हैं?
त्रयोदशी को, हर महीने शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष में। तिथि शाम को प्रदोष काल में होनी चाहिए, सूर्योदय पर नहीं।
व्रतपंचांगशिव

अपना प्रश्न इसी तरह समझना चाहते हैं?

आप अपना प्रश्न आर पी पांडे जी को व्हाट्सऐप पर रख सकते हैं। पहले देखा जाता है कि घटना प्रॉमिस है या नहीं, फिर समय।

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